JAWAHAR LAL NEHRU DISTRICT HOSPITAL

जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय

( रुद्रपुर ) ऊधमसिंह नगर



राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत दी जाने वाली सुविधाऐं


   

जननी सुरक्षा योजना:-

जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सरकारी चिकित्सालयों में सुरक्षित प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिला को रू0 1400/-रू0 तथा नगरीय क्षेत्र की महिला को रू0 1000/- रू0 की धनराशि पोषण हेतु उनके संचालित बैंक खातो के माध्यम से प्रदान की जाती है। तथा (BPL) गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच के सात माह पर पोषण हेतु 500/- रू0 की प्रोत्साहन धनराशि बैंक खाते में हस्तान्तरित की जाती है।
   

ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस:-

सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHND) का आयोजन कर गर्भवती माताओ एवं बच्चो का टीकाकरण किया जाता है। कुपोषित बच्चो के माता-पिता को पौष्टिक आहार से सम्बन्धित परामर्श दिया जाना एवं अति कुपोषित बच्चो को पोषण पुनर्वास केन्द्र (NRC) जिला चिकित्सालय में भेजा जाता है।
   

जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम:-

संस्थागत प्रसव कराने पर लाभार्थी को भोजन, दवाईयों सहित सभी आवश्यक सेवाऐं मुफ्त प्रदान की जाती है। प्रसव के उपरान्त 48 घंटे चिकित्सालय में रहने पर 104 ‘‘खुशियों की सवारी’’ से घर तक छोडने की सुविधा। जच्चा-बच्चा की एक वर्ष तक आवश्यक जांच एवं इलाज मुफ्त। नवजात बच्चों (0 से 1 वर्ष) का इलाज मुफ्त एवं 104 ‘‘खुशियों की सवारी’’ के माध्यम से उच्च चिकित्सा केन्द्रो मे ले जाने व घर तक छोडने की निःशुल्क व्यवस्था।
   

प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान:-

प्रत्येक माह की 9 तारीख को चिकित्सा ईकाइयों पर सरकारी एवं प्राइवेट महिला चिकित्सको के द्वारा गर्भवती माताओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
   

नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई:-

नवजात बच्चों के इलाज हेतु सामु0स्वा0केन्द्र किच्छा, जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय रूद्रपुर एवं एल0डी0भट्ट उपजिला चिकित्सालय काशीपुर में नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई (एन0बी0एस0यू0 एवं एस0एन0सी0यू0) यूनिट का संचालन।
   

पोषण पुनर्वास केन्द्र:-

जनपद के जिला चिकित्सालय रूद्रपुर में कुपोषित बच्चों के इलाज हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र ( NRC)का संचालन किया जा रहा है। एन0आर0सी0 के अन्तर्गत कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को पोष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इलाज कराने वाले बच्चों के अभिभावक को रू0 100/- प्रतिदिन धनराशि दी जाती है।
   

प्रतिरक्षण कार्यक्रमः-

सभी सामु0स्वा0केन्द्र/प्राथ0स्वा0केन्द्र/उपकेन्द्र एवं बड़े चिकित्सालयों में प्रत्येक बुधवार को गर्भवती माताओं एवं बच्चों का मुफ्त टीकाकरण। सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को आंगनवाडी केन्द्रो/दूरस्थ क्षेत्रो/असेवित क्षेत्रों में ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन कर गर्भवती माताओ एवं बच्चो का सम्पूर्ण टीकाकरण किया जाना।
   

परिवार कल्याण:-

पुरूष नसबन्दी पर लाभार्थी को रू0. 2000/- का भुगतान। महिला नसबन्दी पर रू0 1400/- का भुगतान। प्रसव के सात दिन के अन्दर नसबन्दी कराने पर महिला लाभार्थी को रू0 2200/-का भुगतान। पुरूष नसबन्दी हेतु जनपद के काशीपुर, सितारगंज, खटीमा, रूद्रपुर में सुविधा उपलब्ध। महिला नसबन्दी की सुविधा सभी बड़े अस्पतालो एवं सामु0स्वा0केन्द्र/ प्राथ0स्वा0 केन्द्रो पर उपलब्ध। सभी बडे़ चिकित्सालयों एवं सामु0स्वा0केन्द्रो पर PPIUCD (प्रसव के 48 घन्टे के अन्दर कॉपर-टी) लगाये जाने की सुविधा। समस्त चिकित्सा ईकाइयों के तहत गर्भनिरोधन हेतु सलाह तथा उपलब्ध विधियों जैसे कॉपर -टी, गर्भ निरोधक गोलियां, आकस्मिक गर्भ निरोधक गोलियां, निरोध हेतु सलाह तथा उपलब्धत विधियों में चुनने की उपलब्धता/स्वतंत्रता। दिनांक 11 जुलाई को प्रत्येक वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन।
   

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम:-

0 से 06 वर्ष तक के बच्चों का आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वर्ष में 02 बार भ्रमण कर स्वास्थ्य परीक्षण एवं 06 वर्ष से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चे जोकि प्रदेश के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में नामांकित हैं का वर्ष में 01 बार स्वास्थ्य परीक्षण एवं बीमारियों की पहचान का कार्य 15 मोबाइल स्वास्थ्य टीमों के द्वारा किया जाता है। गम्भीर रोग से ग्रस्त बच्चों को उच्च चिकित्सा के लिए District Early Intervention Center (DEIC) एवं तत्पश्चात राज्य द्वारा अनुबन्धित उच्चतर चिकित्सालयों को सन्दर्भित किया जाता है। सन्दर्भण सेवाओं के लिये ‘‘खुशियों की सवारी‘‘ वाहन की व्यवस्था जनपद के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निःशुल्क प्रदान की जाती है।
   

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम:-

नई किशोर स्वास्थ्य एवं विकास रणनीति में 10 से 19 साल के किशोरों के लिए शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य व यौन जनित जानकारियां एवं जागरूकता बढाना। किशोर स्वास्थ्य के सम्बन्ध में पीयर ग्रुप के माध्यम से जानकारी की उपलब्धता और उस तक पहुंच बढाना। काउन्सलरों के माध्यम से गुणवत्तापरक किशोर सलाह एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और उसका समुचित इस्तेमाल बढाना। जिस हेतु टोल फ्री न0-18001801200 संचालित है। किशोरों के लिए सुरक्षित एवं समर्थक माहौल तैयार करने में बहु-क्षेत्रीय सहभागिताओं को बढावा देना। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी सरकारी स्कूलो में एल्बेन्डाजोल की गोली खिलाई जाती है। साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड अनूपूरण कार्यक्रम के अन्तर्गत किशोर किशोरियों 10 से 19 वर्ष में पोषणिक रक्ताल्पता को सम्बोधित करने हेतु WIFS कार्यक्रम प्रारम्भ किया है। सम्पूर्ण भारत के शहरी एवं ग्रामीण दोनो क्षेत्रों के कक्षा 6 से 12 तक के सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के किशोर किशोरियो हेतु उपलब्धता।
   

मुख्य मंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना:-

सभी ए.पी.एल. एवं बी.पी.एल. परिवारों का (सरकारी सेवारत/पेंशनर एवं आयकरदाता को छोडकर) रू0 1 लाख 75 हजार तक का नगद रहित स्वास्थ्य बीमा। योजना के अन्तर्गत सामान्य बिमारियाँ-1206 एवं गम्भीर बिमारियाँ--459 कुल-1665 बीमारियों का सरकारी एवं चिन्हित गैर सरकारी कुल 33 चिकित्सालयों में निशुल्क ईलाज की व्यवस्था। जिनकी संख्या अधिक भी हो सकती है। उपरोक्त चिकित्सालयों की जानकारी अपने निकट के सरकारी चिकित्सालयों से प्राप्त की जा सकती है।
   

पी.सी.-पी.एन.डी.टी:-

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए पी0सी0पी0एन0डी0टी0 अधिनियम के अन्तर्गत अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रो का प्रत्येक 90 दिनों में निरीक्षण किया जाता है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने हेतु लगातार शिविर आयोजित कर स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जनता को जागरूक किया जाता है। वही अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों पर कमियां पाये जाने पर कार्यवाही की जा रही है, परिणामस्वरूप लिंगानुपात में वृद्वि हुई है तथा कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगा है। तहसील स्तर पर उपजिला अधिकारी को समुचित प्राधिकारी नामित व आठ सदस्य की सलाहकार समिति का गठन किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समय-2 पर कानूनी शिविर का आयोजन किया जाता है।
   

राष्ट्रीय क्षय नियन्त्रण कार्यक्रम:-

2 सप्ताह से अधिक खांसी, छाती/बदन दर्द, शाम के समय बुखार आना, रात में पसीना आना, बजन घटना इसके प्रमुख लक्षण हैं। क्षय रोग से ग्रसित मरीजों को निःशुल्क बलगम की जाँच व सम्पूर्ण अवधि की औषधियों की आपूर्ति की जाती है। इस कार्यक्रम में मरीजों को औषधियां डाट्स प्रदाता द्वारा अपने सामने ही खिलाई जाती है। मरीजों को औषधियां खिलाने की इस पद्धति को Directly Observed Treatment Short Course (डाट्स) कहते हैं।
   

राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम:-

राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम के अन्तर्गत मोतियाबिन्द के आपरेशन निःशुल्क किये जाते है। सरकारी विद्यालयों के कक्षा 6 से 8 तक के बच्चो का निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं चश्मों का वितरण किया जाता है। 45 वर्ष व उससे अधिक आयु वर्ग के निकट दृष्टि दोष से पीडित व्यक्तियों को निःशुल्क चश्मों का वितरण।
   

राष्ट्रीय कुष्ठ नियन्त्रण कार्यक्रम:-

कुष्ठ रोग अन्य रोगों की भांति एक साधारण रोग है। यह रोग Bacillus Myco-Bacterium Leprae नामक रोगाणु से होता है। नियमित इलाज करने से कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है। कुष्ठ रोगियों के इलाज की सुविधा जनपद के सभी चिकित्सालयो में निःशुल्क उपलब्ध है। बहु-औषधि (Multi Drug tderapy) चिकित्सा से इस रोग का शीध्र निवारण किया जा सकता है।
   

राष्ट्रीय बैक्टर जनित रोग नियन्त्रण कार्यक्रम:-

कार्यक्रम के अन्तर्गत मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, जापानीज इन्सफलाइटिस बीमारियों का नियंत्रण एवं इलाज किया जाता है। इससे सम्बन्धित जांचे व उपचार निःशुल्क किया जाता है। मलेरिया तथा डेंगू की जांचों के लिये निकटतम चिकित्सा इकाई व आशा तथा ए0एन0एम0 से सम्पर्क किया जा सकता है। बचाव एक अत्यन्त कारगर उपाय है।
   

एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम :-

संचारी रोगों के प्रकोपो के प्रारम्भिक चेतावनी संकेतो का पता लगाना तथा समय पर प्रभावी कार्यवाही करने में सहायता प्रदान करना है। आप सभी तत्काल सक्रामक रोगो की सूचना निकटतम चिकित्सा इकाई पर दे सकते है।
   

कैंसर मधुमेहए हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम हेतु नियंत्रण कार्यक्रमः-

कार्यक्रम के अन्तर्गत कैंसर, स्ट्रोक, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग से सम्बन्धित बिमारियों से रोकथाम, बचाव एवं निगरानी के सम्बन्ध में कार्य किये जाते है। जिला चिकित्सालय रूद्रपुर में एन0सी0डी0 क्लीनिक स्थापित की जा चुका है। जिसमे 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का निःशुल्क ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर की जांच की रही है। समय पर विभिन्न क्षेत्रों में आउटरिच कैम्पों के माध्यम से निःशुल्क ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर की जांच की जाती है। तथा परामर्श दिया जाता है।
   

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमः-

वर्तमान की व्यस्त जीवनशैली एवं उचित खानपान न होने के कारण मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। जिसके अन्तर्गत अवसाद एवं अन्य मानसिक बीमारियां उत्पन्न हो रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत जिला अस्पताल रूद्रपुर में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श दिया जा रहा है। मानसिक रोग हैल्प लाइन 180-00180-4078 की स्थापना की जा चुकी है। जिस पर लाभार्थियों की काउंसिलिग की जा रही है।
   

राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रमः-

डेन्टल सर्जन द्वारा जिला अस्पताल रूद्रपुर में तथा समय पर विभिन्न क्षेत्रों में आउटरिच कैम्पो के माध्यम से दन्त एवं मुख की बीमारियो को दूर कर लाभार्थियों को उचित परामर्श प्रदान किया जाना।
   

बुजुर्गों के स्वास्थ्य देखभाल हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रमः-

कार्यक्रम अन्तर्गत वृ़द्व मरीजो को विशेष देखाभाल एवं इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। जिसके अन्तर्गत जिला चिकित्सालय रूद्रपुर में महिला -पुरूष के पांच-पांच बैड की स्थापना की जा चुकी है।
   

राष्ट्रीय बधिरता निवारण और नियंत्रण हेतु कार्यक्रमः-

कार्यक्रम के अन्तर्गत स्टाफ नर्सो तथा पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तथा आर0बी0एस0के0 टीमों को प्रशिक्षित कर उनके द्वारा स्कूलों में विद्यार्थियों को लाभ पहुचाया जा रहा है। जिला अस्पताल रूद्रपुर में बधिर कार्यक्रम के अन्तर्गत निःशुल्क सेवा प्रदान की जा रही है।
   

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम:-

वर्तमान में तम्बाकू उन्मूलन केन्द्र की स्थापना जिला चिकित्सालय रूद्रपुर में की जा चुकी है। जिसके अन्तर्गत काउन्सलर द्वारा लाभार्थियों को निःशुल्क परामर्श एवं सोशलवर्कर द्वारा जनपद में स्थित सरकारी एवं निजी विद्यालयों में तम्बाकू उत्पादो के दुष्प्रभाव के सम्बन्ध में संवेदिकरण किया जा रहा है। विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर कोटपा अधिनियम 2003 (सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद निषेध कानून) का क्रियान्वियत किया जा रहा है।
Jawahar Lal Nehru District Hospital
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Uttarakhand
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